Asthma|Asthma Symptoms|Asthma ka gharelu ilaj|Saas Fulna|

नमस्कार दोस्तों आज का टॉपिक है Asthma|Asthma Symptoms|Asthma ka gharelu ilaj|Saas Fulna|Asthma causes in hindi|asthma ke lakshan|saas ki bimari ka ilaj|asthma ke upay|asthma treatment in hindi by rajiv dixit| दमा (अस्थमा) एक गंभीर बीमारी है, जो श्वास नलिकाओं को प्रभावित करती है। श्वास नलिकाएं फेफड़े से हवा को अंदर-बाहर करती हैं। दमा ( (Asthma) होने पर इन नलिकाओं की भीतरी दीवार में सूजन आ जाती है। यह सूजन श्वास नलिकाओं को बेहद संवेदनशील बना देती है जब श्वास नलिकाएं प्रतिक्रिया करती हैं, तो उनमें संकुचन(Contraction)होता है और उस स्थिति में फेफड़े में हवा की कम मात्रा जाती है। इससे खांसी, नाक बजना, छाती का कड़ा होना, रात और सुबह में सांस लेने में तकलीफ आदि जैसे लक्षण पैदा होते हैं।

दमा (Asthma) ka ilaj

Asthma ke lakshan in hindi|chote bacho me asthma ke lakshan|

किसी व्यक्ति को दमा (Asthma) का दौरा पड़ता है तो वह सामान्य साँस के लिए भी गहरी-गहरी या लंबी-लंबी साँस लेता है; नाक से ली गई साँस कम पड़ती है तो मुँह खोलकर साँस लेता है। वास्तव में रोगी को साँस लेने की बजाय साँस बाहर निकालने में ज्यादा कठिनाई होती है, क्योंकि फेफड़े के भीतर की छोटी-छोटी वायु नलियाँ जकड़ जाती हैं और दूषित वायु को बाहर निकालने के लिए उन्हें जितना सिकुड़ना चाहिए उतना वे नहीं सिकुड़ पातीं। परिणामस्वरूप रोगी के फेफड़े फूल जाते हैं, क्योंकि रोगी अगली साँस भीतर खींचने से पहले खिंची हुई साँस की हवा को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता।

दमा  (Asthma) को पूर्णरूप से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है, ताकि दमे (अस्थमा) से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। दमे (अस्थमा)का दौरा पड़ने से श्वास नलिकाएं पूरी तरह बंद हो सकती हैं, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को आक्सीजन की आपूर्ति बंद हो सकती है। यह चिकित्सकीय रूप से आपात स्थिति है। दमे के दौरे से मरीज की मौत भी हो सकती है।

Asthma ka gharelu upchar in hindi|saans ki bimari ka ilaj in hindi|

  1.  लहसुन दमा (Asthma)  रोगियों के लिए बहुत अच्छा होता है| दमे के रोगी को लहसुन की तीन-चार कलियाँ दूध में उबालकर रात को सोने से पूर्व सेवन करने से अत्यन्त लाभ होता है |
  2. दमा (Asthma) हरड़, बहेड़ा और आंवला, विधार, अश्वगंधा, काली मिर्च, सौंठ, पुनर्नवा, चित्रक की जड़ की छाल और सतगिलीय बराबर मात्रा में लेकर कूट-छानकर पांच-छह ग्राम की गोलियां बना लें | छाया में सुखाकर एक गोली प्रातः दूध से लेने से दमे में लाभ होता है |
  3. हंसराज का पंचांग जड़ ,फल ,फूल ,तना ,पत्तियां लेकर बारीक़ कूटकर पीसकर चूर्ण बना लीजिये इस चूर्ण को सादा पानी के साथ 5 ग्राम की मात्रा मैं सेवन कीजिये ये दिन मैं 2 बार लीजिये खाना खाने के बाद|

ये तीनों प्रयोग करने पर आपका दमा (Asthma)  बिल्कुल ठीक हो जायेगा ये प्रयोग हमने आजमाया हुआ है अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें और अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे

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